बजट 2026 रहा कुछ इस प्रकार

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज (1 फरवरी 2026) बजट 2026-27 पेश किया है। इस बजट का मुख्य केंद्र ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को गति देना, मिडिल क्लास को राहत देना और मैन्युफैक्चरिंग (विनिर्माण) को मजबूती प्रदान करना रहा है।
यहाँ बजट की कुछ प्रमुख बातें (Highlights) दी गई हैं:
1. टैक्स और आम आदमी (Taxation)
नया आयकर अधिनियम (Income Tax Act, 2025): सरकार ने 1961 के पुराने कानून को बदलकर नया एक्ट लाने का प्रस्ताव दिया है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। इसका उद्देश्य टैक्स प्रक्रिया को सरल और विवाद-मुक्त बनाना है।
विदेश यात्रा और शिक्षा पर राहत: विदेश टूर पैकेज और विदेश में पढ़ाई/इलाज के लिए TCS (Tax Collected at Source) की दर को घटाकर 2% कर दिया गया है।
बीमा राहत: मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल से मिलने वाले ब्याज पर अब कोई टैक्स नहीं लगेगा।
2. स्वास्थ्य और शिक्षा (Health & Education)
सस्ता इलाज: कैंसर की 17 जरूरी दवाओं पर कस्टम ड्यूटी (सीमा शुल्क) को पूरी तरह हटा दिया गया है, जिससे इनका इलाज सस्ता होगा।
मेडिकल हब: राज्यों के सहयोग से 5 नए क्षेत्रीय चिकित्सा केंद्र (Regional Medical Hubs) स्थापित किए जाएंगे।
गर्ल्स हॉस्टल: हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनाने का प्रस्ताव दिया गया है।
3. इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश (Infrastructure)
पूंजीगत व्यय (Capex): सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बजट बढ़ाकर ₹12.2 लाख करोड़ कर दिया है।
हाई-स्पीड रेल: शहरों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 7 नए हाई-स्पीड कॉरिडोर की घोषणा की गई है।
राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit): इसे GDP का 4.3% रहने का अनुमान लगाया गया है, जो अर्थव्यवस्था के लिए एक अच्छा संकेत है।
4. व्यापार और मैन्युफैक्चरिंग (MSME & Industry)
SME ग्रोथ फंड: छोटे उद्योगों के लिए ₹10,000 करोड़ का फंड बनाया गया है।
सेमीकंडक्टर मिशन 2.0: भारत को चिप मैन्युफैक्चरिंग का हब बनाने के लिए इस मिशन को बड़ा निवेश आवंटित किया गया है।
ई-कॉमर्स एक्सपोर्ट हब: छोटे कारीगरों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच आसान बनाने हेतु हब स्थापित किए जाएंगे।
5. किसान और ग्रामीण विकास (Agriculture)
नारियल और काजू: इन फसलों को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं लाई गई हैं।
मछली पालन: 500 जलाशयों के विकास के साथ नील क्रांति को नई ऊर्जा दी गई है।
क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा?
सस्ता: कैंसर की दवाएं, मोबाइल फोन के कुछ पार्ट्स, बिजली के सामान और विदेश यात्रा।
महंगा: कुछ विदेशी सामान जिन पर आयात शुल्क बढ़ाया गया है।
निष्कर्ष: यह बजट ‘निरंतरता और सुधार’ का मेल है, जिसमें लोकलुभावन घोषणाओं के बजाय लॉन्ग-टर्म ग्रोथ और इंफ्रास्ट्रक्चर पर ज्यादा जोर दिया गया है।
क्या आप इनमें से किसी खास विषय (जैसे इनकम टैक्स स्लैब या किसी विशेष सेक्टर) के बारे में विस्तार से जानना चाहेंगे?

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